प्लेन दुर्घटना अजित पवार की मृत्यु। क्या है इसके कारण?
आज की फास्ट स्पीड में दौड़तेहुई दुनिया में तेज परिवहन की आवश्यकता बड़ा दी है। अगर पारंपरिक साधन का उपयोग किया जाय तो कार्यक्षमता और समय का व्यय होगा।
परन्तु क्या तेज परिवहन सुरक्षित है? लगातार होती हुई एविएशन क्षेत्र में दुर्घटनाएं निरंतर प्रश्न खड़ी कर रही है। संसार के सभी कोनो में यह दुर्घटनाएं निरन्तर बढ़ती जा रही है
हालही में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार जी का प्लेन दुर्घटना में मृत्यु हो गई। उससे पहले गुजरात के मुख्यमंत्री रुपाणी जी का भी प्लेन दुर्घटना में ही मृत्यु हो गई संसार के अन्य कोनो में भी निरंतर ऐसी दुर्घटना लगातार हो रही है।
क्या कारण हो सकता है ऐसी दुर्घटनाओं का?
वैश्विक हलचल पर नजर डालें तो दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। चाहे अचानक जंगलों में बड़ी आग लगना प्लेन क्रैश जैसे अवांच्छित दुर्घटना लगातार बढ़ रही है।
यह लगातार होने वाली घटनाएं इंगित कर रही है की यह नॉर्मल घटनाएं नहीं है। अगर यह नॉर्मल घटनाएं नहीं है तो क्या किसी के द्वारा हो रहा है। इस बात की पुष्टि करना मुश्किल ही नामुमकिन है।
तो फिर क्या हो सकती है इन घटनाओं का कारण कोई भी घटनाएं लगातार हो तो उस पर प्रश्नवाचक चिह्न होना स्वाभाविक है।
अगर यह घटनाएं किसी शक्ति के द्वारा हो रही है तो, प्रश्न उठता है की कौन है कारक आंतरिक या व्याह। आंतरिक शक्तियों के द्वारा यह कार्य होना मुश्किल है। तो क्या यह वाह्य शक्तियों द्वारा हो रहा है।
अगर व्हाय शक्ति द्वारा हो रहा है तो इस से होने वाला लाभ क्या है और आखिर इसका उद्देश्य क्या है। सर्वप्रथम हम इतिहास जानते हैं एविएशन सेक्टर का।
हवाई जहाज का आविष्कार और इतिहास
हवाई जहाज का निर्माण अमेरिका के दो भाईयों जिन्हें हम राइट बंधु के नाम से जानते ( विल्बर और ऑरविल राइट))हैं के द्वारा हुई।
जिन्होंने राईट फ्लेयर नामक पहली एयर क्राफ्ट 17 दिसम्बर 1903 को अमेरिका के उत्तरी कैरोलिना राज्य के किटी हॉक नमक स्थान में किया जो लगभग 12सेकेंड तक और 120 फीट तक उड़ान भरी
हालांकि भारतीय लोगों का मानना है की शिवकर बापू जी तलपडे ने 1903 से पहले ही भारत में भारतीय शास्त्र की प्रेरणा से 1865 में 'मरुत्सखा’ नामक विमान बनाया था।
हालांकि इसका प्रमाणिकता सिद्ध नहीं हुई है। जबकि राईट बंधुओं के पहले भी उड़ान के प्रयास हो चुके हैं। परंतु नियंत्रित और सफल उड़ान राईट बंधुओं को ही जाता है
प्रारंभिक दौर से चलते हुए आज के युग के सफर तक इस उद्योग ने नई ऊंचाईयों को छुआ है। आज के समय में यह एक फलता फूलता उद्योग है।
वर्तमान समय की घटनाओं का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि आज दो ही कंपनियों का इस उद्योगों पर नियंत्रण है एक बोईंग और दूसरा air bus।
क्या है कारण इन दुर्घटना का ?
वर्तमान समय में भू राजनीति एक परिवर्तन की तरफ चल रही है। सप्लाई चैन ट्रेड रूट आदि में निरंतर बदलाव हो रहे हैं। क्या इन दुर्घनाओं का कारण इन दोनों कम्पनियों के एकाधिकार को समाप्त करना तो नहीं।
यह प्रश्न का उत्तर मिलना मुश्किल है क्योंकि तथ्य इस और ही इशारा कर रहे हैं परंतु प्रमाण नहीं है। दूसरा प्रश्न यह है कि क्या शक्तियां नहीं चाहती की कुछ समय के लिए हवाई जहाज से आवागमन स्थगित रहे।उतर कि तलाश जारी रहेगी।
सरकार से प्रश्न
क्या सरकार इन पश्चिम देशों के टेक्नोलॉजी पर ही निर्भर रहेगी पश्चिम देशों के ऐविएशन कंपनियों के सच्चाई अब जगजाहिर हो गई है। क्या ये हमारे राष्ट्र के खिलाफ टेक्नोलोजी का प्रयोग के द्वारा हस्तक्षेप तो नहीं है।
हालांकि विमानन सेवा के टेक्नोलॉजी के लिए रूस से सहयोग की चर्चा और निर्णय हो रहा है परंतु जो दुर्घटनाएं हो रही है उन पर सरकार की रिपोर्ट क्या है।
निष्कर्ष
टेक्नोलॉजी के अविष्कार के क्षेत्र में भारत को जल्द ही आत्मनिर्भर बनाना होगा। अन्यथा टेक्नोलॉजी को हथियार के रूप मे इस्तेमाल किया जाता रहेगा।
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