$100 Billion+ बैंकिंग एसेट: कैसे GIFT City भारत को बना रहा है वैश्विक वित्तीय शक्ति?

  GIFT City India – Global Financial Hub

GIFT City Gandhinagar India global financial hub IFSC skyline
GIFT City, गांधीनगर में विकसित भारत का पहला IFSC, वैश्विक वित्तीय सेवाओं का उभरता हुआ केंद्र है।


21वीं सदी की वैश्विक अर्थव्यवस्था एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है, जहाँ आर्थिक शक्ति का केंद्र पश्चिम से पूर्व की ओर स्थानांतरित हो रहा है। 

इस मल्टीपोलर (बहुध्रुवीय) विश्व में, भारत अपनी रणनीतिक स्थिति को मजबूत करने के लिए GIFT City (GIFT City India) को एक प्रमुख हथियार के रूप में विकसित कर रहा है ।

गांधीनगर, गुजरात में स्थित यह महत्वाकांक्षी परियोजना केवल एक रियल एस्टेट प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि भारत का वह प्रवेश द्वार है जो वैश्विक पूंजी को भारतीय अवसरों से जोड़ता है।

$100 बिलियन से अधिक की बैंकिंग परिसंपत्तियों और 1000 से अधिक परिचालन संस्थाओं के साथ, GIFT City अब भारत का ग्लोबल फाइनेंशियल हब (India global financial hub) बनने की दिशा में अग्रसर है ।

यह लेख विश्लेषण करेगा कि कैसे यह हब अंतरराष्ट्रीय मानकों के साथ भारत की भू-आर्थिक (Geo-economic) महत्वाकांक्षाओं को नई ऊंचाई दे रहा है।

स्रोत:Gift city

GIFT City क्या है? (इतिहास और संरचना)

GIFT City का विचार 2007 के आसपास शुरू हुआ था, जिसे तत्कालीन मुख्यमंत्री (वर्तमान प्रधानमंत्री) नरेंद्र मोदी ने भारत के पहले स्मार्ट और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र के रूप में देखा था। 

संरचना:यह शहर दो मुख्य क्षेत्रों में विभाजित है:

IFSC (International Financial Services Centre):

यह एक 'डीम्ड विदेशी क्षेत्र' (deemed foreign territory) के रूप में कार्य करता है। यहाँ होने वाले वित्तीय लेनदेन विदेशी मुद्रा में होते हैं, जिससे यह अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए अनुकूल बन जाता है ।

Domestic Tariff Area (DTA):

यह क्षेत्र भारतीय कानून और कर प्रणाली के तहत संचालित होता है और मुख्य रूप से घरेलू व्यवसायों और शहर की बुनियादी सुविधाओं का समर्थन करता है ।

इस शहर की संरचना में अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा जैसे यूटिलिटी टनल' डिस्ट्रिक्ट कूलिंग सिस्टम और ऑटोमेटेड वेस्ट मैनेजमेंट' शामिल हैं, जो इसे दुनिया के सबसे उन्नत स्मार्ट शहरों की सूची में रखते हैं ]।

 स्रोत : गिफ्ट सिटी इंफ्रास्ट्रक्चर

GIFT City का उद्देश्य

GIFT City के निर्माण के पीछे भारत सरकार के कई रणनीतिक उद्देश्य हैं:

1. Onshoring Financial Services:

उन वित्तीय सेवाओं को वापस भारत लाना जो वर्तमान में दुबई, सिंगापुर या लंदन जैसे केंद्रों से संचालित होती हैं ।

2. Capital Inflow:

विदेशी निवेश (FDI) के प्रवाह को सुगम बनाना और भारतीय कंपनियों के लिए वैश्विक पूंजी तक पहुंच आसान करना ।

3. रोजगार सृजन:

उच्च-स्तरीय वित्तीय और तकनीकी नौकरियों का निर्माण करना। वर्तमान में यहाँ 20,000 से अधिक रोजगार सृजित किए जा चुके हैं ।

4. नवाचार:

फिनटेक (FinTech) और ब्लॉकचेन जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए एक सैंडबॉक्स वातावरण प्रदान करना।

IFSC Operations in GIFT City

GIFT City IFSC international financial services centre India
GIFT City IFSC अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग, पूंजी बाजार और बीमा सेवाओं के लिए एकीकृत नियामक ढांचे के तहत संचालित होता है।


IFSC (International Financial Services Centre) की भूमिका

GIFT City का हृदय IFSCहै। भारत में GIFT City IFSC को एक विशेष नियामक ढांचे (Special Regulatory Framework) के तहत रखा गया है। 

एकीकृत नियामक (Unified Regulator):

IFSCA (International Financial Services  Centres Authority) यहाँ बैंकिंग, पूंजी बाजार और बीमा के लिए एकमात्र नियामक के रूप में कार्य करता है, जिससे 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा मिलता है।

कर प्रोत्साहन:

अंतरराष्ट्रीय वित्तीय लेनदेन के लिए यहाँ 10 साल तक शत-प्रतिशत कॉर्पोरेट टैक्स की छूट (Tax Holiday) जैसे बड़े प्रोत्साहन दिए जाते है।

वैश्विक पहुंच:

यहाँ बैंकिंग, फंड मैनेजमेंट, और शिप लीजिंग जैसी सेवाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों पर उपलब्ध हैं ।

स्रोत: गिफ्ट सिटी ifsc

India’s Geo-economic Strategy via GIFT City

India geo economic strategy through GIFT City global markets connection
मल्टीपोलर विश्व में GIFT City भारत को पूर्व और पश्चिम के वित्तीय बाजारों के बीच रणनीतिक सेतु प्रदान करता है।


मल्टीपोलर विश्व अर्थव्यवस्था में GIFT City का महत्व

वर्तमान भू-राजनीतिक परिदृश्य में, दुनिया किसी एक मुद्रा या एक वित्तीय केंद्र (जैसे न्यूयॉर्क या लंदन) पर निर्भरता कम करना चाहती है। 

वित्तीय संप्रभुता:

GIFT City भारत को अपनी वित्तीय संप्रभुता सुरक्षित करने में मदद करता है। भारत अब केवल वैश्विक नियमों का पालन करने वाला नहीं, बल्कि नियम बनाने वाला (Price Maker) बनना चाहता है ।

ब्रिक्स (BRICS) और ग्लोबल साउथ:

भारत GIFT City के माध्यम से ग्लोबल साउथ और ब्रिक्स देशों के लिए एक वैकल्पिक वित्तीय गलियारा प्रदान कर सकता है। 

स्थिरता: 

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा नियंत्रित मुद्रास्फीति (Repo Rate 5.25%) और स्थिर मौद्रिक नीति वैश्विक निवेशकों को सुरक्षा का अहसास कराती है ।

स्रोत: RBI 

वैश्विक वित्तीय हब से तुलना (Dubai, Singapore, London)

GIFT City अपनी तुलना दुबई (DIFC) और सिंगापुर (SGX) जैसे स्थापित केंद्रों से करता है।

लागत:

सिंगापुर या लंदन की तुलना में GIFT City में परिचालन लागत (Operational Cost) काफी कम है।

नियामक लचीलापन:

जहाँ लंदन और न्यूयॉर्क में नियम जटिल हैं, वहीं GIFT City का 'सिंगल विंडो क्लीयरेंस' इसे निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बनाता है ।

समय क्षेत्र (Time Zone):

भारत की भौगोलिक स्थिति इसे पूर्व (सिंगापुर/टोक्यो) और पश्चिम (लंदन/न्यूयॉर्क) के बाजारों के बीच एक सेतु बनाती है।

GIFT City में वर्तमान गतिविधियाँ

GIFT City विभिन्न वित्तीय क्षेत्रों में तेजी से विस्तार कर रहा है:

Banking:

सितंबर 2025 तक बैंकिंग परिसंपत्तियों का आकार $100 बिलियन को पार कर गया है ।

Bullion Exchange (IIBX):

भारत का पहला अंतरराष्ट्रीय बुलियन एक्सचेंज (IIBX) यहाँ स्थापित है, जो सोने और चांदी के मूल्य निर्धारण में पारदर्शिता लाता है ।

Aircraft Leasing:

भारत में विमानन क्षेत्र की बढ़ती मांग को देखते हुए विमान पट्टे (Leasing) की सेवाएं यहाँ सक्रिय हैं।

Derivatives & Capital Markets:

भारत के प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज (NSE/BSE) ने यहाँ अपनी अंतरराष्ट्रीय इकाइयां स्थापित की हैं ।

Insurance:

पुनर्बीमा (Reinsurance) और विशेष बीमा उत्पादों के लिए यह एक उभरता हुआ केंद्र है ।

भारत की रणनीतिक और भू-आर्थिक (Geo-economic) दृष्टि

भारत का विजन GIFT City को केवल एक शहर नहीं, बल्कि "रणनीतिक लचीलेपन" (Strategic Resilience) का केंद्र बनाना है।

डॉलर पर निर्भरता कम करना:

IIBX और अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंजों के माध्यम से भारतीय रुपये और स्थानीय वित्तीय तंत्र को मजबूत करना।

एआई (AI) और तकनीक:

स्मार्ट सिटी इंफ्रास्ट्रक्चर और सिटी कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (C4) के माध्यम से डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना ।

भविष्य की संभावनाएँ (2030 तक का विज़न)

GIFT City future बहुत उज्ज्वल दिखाई देता है:

विस्तार:

अगले चरण में शहर के क्षेत्रफल को दोगुना करने और आवासीय सुविधाओं को बढ़ाने की योजना है (Walk-to-work concept) ।

शिक्षा हब:

विदेशी विश्वविद्यालयों को अपने कैंपस खोलने की अनुमति दी गई है, जिससे भारत में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिभाएं तैयार होंगी ।

हरित ऊर्जा:

जलवायु परिवर्तन के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को देखते हुए इसे एक 'ग्रीन सिटी' के रूप में विकसित किया जा रहा है ।

मैरीटाइम क्लस्टर

शिपिंग और समुद्री सेवाओं के लिए एक विशेष हब का निर्माण।

 Data Snapshot Section

नीचे दी गई तालिका GIFT City और भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रमुख डेटा बिंदुओं को दर्शाती है (फरवरी 2026 के अनुमानित आंकड़ों पर आधारित):

GIFT City और भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रमुख आंकड़े (फरवरी 2026 अनुमानित / हालिया डेटा)
सूचकांक (Indicator) डेटा / स्थिति (Data Point) स्रोत (Source)
कुल बैंकिंग एसेट साइज $100 Billion+ (Sept 2025) GIFT City Official / PIB
कुल परिचालन इकाइयां 1000+ (1034+ as of Nov 2025) Economic Survey / Moneycontrol / PIB
कुल रोजगार सृजन 20,000+ (25,000+ हालिया अनुमान) GIFT City Official / PwC Report
वर्तमान रेपो रेट (RBI) 5.25% RBI MPC February 2026
एक्सचेंज रेट (INR/USD) ≈90.60–90.74 (Feb 2026) RBI Reference Rate
निफ्टी 50 (Nifty 50) ≈25,471–25,807 (Feb 2026) NSE India
IIBX लॉन्च तिथि 29 जुलाई 2022 Official IIBX / PIB

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Sources: giftcity.in, rbi.org.in, iibx.co.in

Risks & Challenges(जोखिम और चुनौतियाँ)

इतनी प्रगति के बावजूद, GIFT City को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है:

नियामक प्रतिस्पर्धा:

सिंगापुर और दुबई लगातार अपने नियमों को उदार बना रहे हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा बनी रहती है।

प्रतिभा का पलायन:

वित्तीय सेवाओं के लिए उच्च-स्तरीय पेशेवरों को गांधीनगर जैसे शहर में आकर्षित करना और बनाए रखना एक चुनौती है।

वैश्विक आर्थिक अस्थिरता:

वैश्विक मंदी या भू-राजनीतिक संघर्ष सीधे तौर पर विदेशी पूंजी के प्रवाह को प्रभावित कर सकते हैं [15, 16]।

बुनियादी ढांचे का विकास: आवासीय और सामाजिक सुविधाओं (स्कूल, अस्पताल) को व्यावसायिक विकास की गति के साथ तालमेल बिठाना होगा ।

निष्कर्ष:

GIFT City भारत की वैश्विक महत्वाकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। यह केवल एक वित्तीय केंद्र नहीं है, बल्कि एक "आर्थिक प्रयोगशाला" है जहाँ भारत वैश्विक मानकों का परीक्षण कर रहा है। 

एक मल्टीपोलर विश्व में, GIFT City भारत को वह मंच प्रदान करता है जहाँ वह अपनी शर्तों पर वैश्विक वित्त (Global Finance) के साथ जुड़ सकता है।

मुख्य बिंदु

GIFT City भारत का पहला क्रियाशील IFSC है जो $100B+ बैंकिंग संपत्ति का प्रबंधन करता है 

यह विमान पट्टे और स्वर्ण व्यापार जैसे नए क्षेत्रों में भारत की हिस्सेदारी बढ़ा रहा है ।

स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और टैक्स प्रोत्साहन इसे वैश्विक निवेशकों के लिए एक शीर्ष गंतव्य बनाते है

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

प्रश्न 1:

 क्या एक आम भारतीय नागरिक GIFT City में निवेश कर सकता है?

उत्तर

हाँ, GIFT City के 'डोमेस्टिक टैरिफ एरिया' (DTA) में सामान्य भारतीय कानून लागू होते हैं, लेकिन IFSC में निवेश के लिए RBI के उदारीकृत प्रेषण योजना (LRS) के नियमों का पालन करना होता है ।

प्रश्न 2: 

GIFT City में कर (Tax) लाभ क्या हैं?

उत्तर:

 IFSC में स्थित इकाइयों को 10 वर्षों के लिए 100% कर अवकाश (Tax Holiday), न्यूनतम वैकल्पिक कर (MAT) में छूट और जीएसटी से राहत मिलती है [।

प्रश्न 3: 

IIBX का मुख्य कार्य क्या है?

उत्तर: IIBX (India International Bullion Exchange) भारत में सोने और चांदी के आयात के लिए एक पारदर्शी गेटवे प्रदान करता है और मूल्य खोज (Price Discovery) में मदद करता है।

प्रश्न 4: 

क्या विदेशी विश्वविद्यालय GIFT City में अपने कैंपस खोल सकते हैं?

उत्तर: 

हाँ, सरकार ने विदेशी विश्वविद्यालयों को IFSC में अपने कैंपस स्थापित करने की अनुमति दी है, जहाँ वे वैश्विक पाठ्यक्रम पढ़ा सकते हैं [1]।

प्रश्न 5: 

GIFT City हवाई अड्डे से कितनी दूर है?

उत्तर

GIFT City अहमदाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लगभग 20-30 मिनट की दूरी पर स्थित है, जो इसे वैश्विक व्यापारिक यात्रा के लिए सुलभ बनाता है।

Disclaimer:

यह लेख दिए किए गए स्रोतों के विश्लेषण पर आधारित है। कुछ आंकड़े 2025-2026 के अनुमानित बजट और आर्थिक सर्वेक्षणों से लिए गए हैं।स्वतंत्र सत्यापन के लिए कृपया संबंधितआधिकारिक वेबसाइटों (giftcity.in, rbi.org.in) पर जाएँ।

लेखक 

प्रभु नाथ

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