मुख्य जानकारी:
पिछले 36 घंटों से महंत जी ने भोजन नहीं ग्रहण किया है।
कमजोरी बढ़ने के कारण डॉक्टर लगातार उनकी सेहत पर नजर रखे हुए हैं।
पूरे देश में उनके स्वास्थ्य के लिए प्रार्थनाओं का दौर शुरू हो गया
है।
स्रोत: अमर उजाला
महंत नृत्य गोपाल दास जी: एक परिचय और गौरवशाली सफर
अयोध्या के आध्यात्मिक जगत में महंत नृत्य गोपाल दास जी का स्थान सर्वोपरि है। आइए जानते हैं उनके जीवन से जुड़ी कुछ अनसुनी और महत्वपूर्ण बातें:
- जन्म और शिक्षा:
- महंत जी का जन्म 11 जून 1938 को उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के केरहाला गांव में हुआ था। उन्होंने 1953 में 10वीं पास करने के बाद वाणिज्य (Commerce) की पढ़ाई शुरू की, लेकिन अध्यात्म की ओर झुकाव के कारण वे मात्र 12 वर्ष की आयु में ही रामनगरी अयोध्या चले आए।
- अध्यात्म का मार्ग:
- अयोध्या में उन्होंने महंत राम मनोहर दास जी से दीक्षा ली और वाराणसी के संस्कृत विश्वविद्यालय से 'शास्त्री' की उपाधि प्राप्त की।
- मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी:
- मात्र 27 वर्ष की आयु में (1965 में) वे श्री मणिराम दास छावनी के छठे महंत बने। आज यह स्थान अयोध्या के प्रमुख धार्मिक केंद्रों में से एक है, जहाँ वे प्रतिदिन सैकड़ों भक्तों को दर्शन देते हैं।
- राम मंदिर आंदोलन में भूमिका: महंत जी 1984 से ही राम जन्मभूमि आंदोलन के मुख्य स्तंभ रहे हैं। 2006 में रामचंद्र दास परमहंस जी के निधन के बाद उन्होंने 'राम जन्मभूमि न्यास' की कमान संभाली।
- वर्तमान जिम्मेदारी: वर्तमान में वे 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' के अध्यक्ष होने के साथ-साथ 'श्री कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट' के भी प्रमुख हैं।
- विशेष योगदान: उन्हें अयोध्या में रामायण भवन और श्री चार धाम मंदिर जैसे भव्य मंदिरों के निर्माण का श्रेय जाता है। उनके सानिध्य में 'मणिराम छावनी' में आज भी लगभग 500 साधु निवास करते हैं।

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Dukhad
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