पशुपालन योजनाएं 2026: राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM), पशु किसान क्रेडिट कार्ड और पशुपालन विभाग से लोन की पूरी जानकारी

राष्ट्रीय पशुधन मिशन 2026: NLM, पशु किसान क्रेडिट कार्ड और गोकुल मिशन गाइड

राष्ट्रीय पशुधन मिशन 2026, पशु किसान क्रेडिट कार्ड और राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत डेयरी किसान और पशुपालन विकास का दृश्य
राष्ट्रीय पशुधन मिशन, पशु किसान क्रेडिट कार्ड और राष्ट्रीय गोकुल मिशन पशुपालकों को सब्सिडी, ऋण सहायता और आधुनिक डेयरी फार्मिंग के अवसर प्रदान करते हैं।


भारत का ग्रामीण अर्थव्यवस्था कृषि और पशुपालन आधारित है गाँव की अधिकतम आबादी कृषि और पशुपालन व्यवसाय पर निर्भर है। यह दोनों व्यवसाय ग्रामीणों को न केवल रोजगार प्रदान करती है बल्कि यह स्वास्थ्य और शुद्ध भोजन भी प्रदान करती है।

2026 में भारत सरकार का लक्ष्य है वैज्ञानिक और पारंपरिक स्वरूप को मिश्रित कर, सरकारी योजनाओं के द्वारा जैसे पशु नस्ल सुधार, पशु चिकित्सालय का व्यवस्था आदि के द्वारा दुग्ध और मांस उद्योगों को बढ़ावा देना।

इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए "राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM)" , "पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना (Pashu Kisan Credit Card Yojana)"  और "राष्ट्रीय गोकुल मिशन"  जैसी क्रांतिकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं । 

ये योजनाएं पशुपालकों को तकनीकी सहायता, उच्च गुणवत्ता वाली नस्लें और वित्तीय ऋण (Livestock Loan) प्रदान करती हैं, जिससे डेयरी उद्यमिता और "पशुधन विकास" को नई गति मिल रही है ।


🐄 राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) 2026
सरकारी सब्सिडी योजना 2026

राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) 2026 भारत सरकार के पशुपालन और डेयरी विभाग द्वारा संचालित एक प्रमुख योजना है, जिसका मुख्य उद्देश्य पशुपालन क्षेत्र में उद्यमिता विकास (Entrepreneurship Development) और नस्ल सुधार को बढ़ावा देना है।

इस योजना के तहत व्यक्तिगत उद्यमियों, FPOs और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को मुर्गी, बकरी, भेड़ एवं सूअर पालन के साथ-साथ Feed and Fodder Units स्थापित करने के लिए परियोजना लागत का 50% तक पूंजीगत अनुदान (Subsidy) प्रदान किया जाता है।

🎯 उद्देश्य
पशुपालन आधारित उद्यमिता और रोजगार सृजन
💰 सब्सिडी
परियोजना लागत का 50% तक पूंजीगत अनुदान
🐐 पात्र गतिविधियाँ
बकरी, भेड़, सूअर एवं पोल्ट्री पालन
🌾 अतिरिक्त सहायता
Feed & Fodder Units की स्थापना
👨‍🌾 लाभार्थी
व्यक्तिगत उद्यमी, FPOs और SHGs
💻 आवेदन
पूरी तरह ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से

NLM योजना का विस्तृत विवरण:

राष्ट्रीय पशुधन मिशन 2026को तीन उप-मिशनों में विभाजित किया गया है :


1. पशुधन और कुक्कुट की नस्ल विकास पर उप-मिशन: 


इस उपमिशन के तहत बड़े पशुओं सहित, बकरी भेड़ मुर्गी सूअर आदि के नस्लों को सुधार कर इनसे मिलने वाले खाद्य उत्पादन के मात्रा में वृद्धि के साथ गुणवत्ता का सुधार करना है।

2. चारा और चारा विकास पर उप-मिशन: 

इस मिशन के तहत पशुओं को दिया जाने वाला चारा का गुणवत्ता का सुधार जिससे पशुओं से प्राप्त होने वाला उत्पादन की गुणवत्ता उच्च बनी रहे।

3. नवाचार और विस्तार पर उप-मिशन:

इस मिशन का उद्देश्य नए शोध, "पशुधन बीमा (Livestock Insurance)" और पशुधन का विस्तार जैसी गतिविधियों पर केंद्रित है।

पात्रता (Eligibility):

इन योजनाओं के लिए निम्नलिखित पात्रता आवश्यक है:

1. व्यक्तिगत उद्यमी :

इस योजना के लाभ के लिए पशुधन का उद्यम होना आवश्यक है।

2.किसान उत्पादक संगठन (FPOs) और किसान सहकारी संगठन (FCOs):

इस योजना के लिए किसान उत्पादक संगठन (FPOs) और किसान सहकारी संगठन (FCOs) जैसे संगठन भी पात्र हैं ।

3.स्वयं सहायता समूह (SHGs) और संयुक्त देयता समूह (JLGs) :

इस योजना का लाभ स्वयं सहायता समूह (SHGs) और संयुक्त देयता समूह (JLGs) भी ले सकते हैं।

धारा 8 कंपनियां (Section 8 Companies):

धारा 8 के तहत पशुधन के उत्पाद वाली कंपनियां भी लाभ ले सकती है।


आवेदन प्रक्रिया:


इस योजनाओं के लाभ लेने हेतु लाभार्थी को NLM पोर्टल पर अपनी पूर्ण परियोजना रिपोर्ट और आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करना पड़ता है।

आवेदन की जांच राज्य कार्यान्वयन एजेंसी (SIA) द्वारा की जाती है और फिर उसे केंद्र सरकार को अनुमोदन के लिए भेजा जाता है।


सब्सिडी और लाभ:

पशुपालन विभाग की सब्सिडी  के निम्नलिखित लाभ है:

बकरी और भेड़ पालन:

अगर आप 100 से 500 पशुओं की इकाइयों स्थापित करना चाहते हैं तो आपको  ₹10 लाख से ₹50 लाख तक की सब्सिडी प्राप्त हो सकती है।

पोल्ट्री (कुक्कुट) फार्मिंग:

इस योजना के तहत 1000 माता पिता पक्षियों की इकाई स्थापित करने के लिए ₹25 लाख तक की सब्सिडी मिल सकती है।

सूअर पालन:

50 से 100 मादा सूअर (Sows) की इकाई के लिए ₹15 लाख से ₹30 लाख तक का अनुदान मिल जाएगा।

चारा इकाइयाँ (Feed/Fodder Units):

साइलेज और चारा ब्लॉक बनाने की इकाइयों के लिए ₹50 लाख तक की सहायता ।


प्रमुख पशुपालन योजनाओं का सारांश:


भारत सरकार द्वारा संचालित प्रमुख पशुपालन योजनाओं निम्नलिखित है:

🐄 पशुपालन योजनाएँ 2026: तुलना तालिका
योजना लाभार्थी सब्सिडी / सहायता आवेदन माध्यम
🏆 राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) उद्यमी, FPOs, SHGs 💰 50% पूंजीगत अनुदान (अधिकतम ₹50 लाख) 💻 ऑनलाइन (nlm.udyamimitra.in)
🐄 पशु किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) पशुपालक किसान, दूध उत्पादक 🏦 कार्यशील पूंजी (Working Capital) हेतु ऋण 🏛️ बैंक शाखा (ऑफलाइन / ऑनलाइन)
🐂 राष्ट्रीय गोकुल मिशन डेयरी किसान, प्रजनन केंद्र 🧬 नस्ल सुधार और कृत्रिम गर्भाधान सहायता 📋 पशुपालन विभाग
🏭 पशुपालन विभाग लोन (AHIDF) एमएसएमई, डेयरी उद्योग 📈 ब्याज में 3% की छूट एवं क्रेडिट गारंटी 🌐 ऑनलाइन पोर्टल
महत्वपूर्ण: राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM), पशु किसान क्रेडिट कार्ड, राष्ट्रीय गोकुल मिशन और AHIDF जैसी योजनाएँ पशुपालकों, डेयरी किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को वित्तीय सहायता, सब्सिडी तथा आधुनिक पशुपालन अवसंरचना विकसित करने में मदद करती हैं।



पशुपालन योजनाएँ 2026: NLM, पशु किसान क्रेडिट कार्ड, गोकुल मिशन और AHIDF सहायता
पशुपालन योजनाएँ 2026 के तहत आधुनिक डेयरी फार्म में गाय-भैंसों के साथ खड़ा भारतीय किसान, सरकारी सब्सिडी और ऋण सहायता का प्रतीकात्मक दृश्य।
राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM), पशु किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), राष्ट्रीय गोकुल मिशन और AHIDF जैसी योजनाएँ डेयरी किसानों एवं पशुपालकों को सब्सिडी, ऋण सहायता, नस्ल सुधार तथा आधुनिक पशुपालन अवसंरचना विकसित करने में सहयोग प्रदान करती हैं।


पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना (Pashu Kisan Credit Card Yojana):


पशु किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) पशुपालन व्यवसाय के दैनिक खर्चों जैसे चारा, दाना, दवा और मजदूरी को पूरा करने के लिए प्रदान की जाने वाली एक कार्यशील पूंजी (Working Capital) ऋण सुविधा है।

इस योजना के अंतर्गत पात्र पशुपालकों को ₹1.6 लाख तक का ऋण बिना किसी कोलेटरल (गिरवी) के उपलब्ध कराया जाता है। समय पर ऋण चुकाने पर प्रभावी ब्याज दर लगभग 4% तक हो सकती है।

विस्तृत जानकारी:

पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना का विस्तृत ब्यौरा निम्नलिखित है:

योजना का स्वरूप:

इस योजना में किसान अपने व्यवसाय के आवश्यकता अनुसार पैसे निकाल और जमा कर सकता है 

कौन आवेदन कर सकता है:

व्यक्तिगत किसान, बटाईदार, स्वयं सहायता समूह और महिला समूह जो पशुपालन, मुर्गी पालन या मत्स्य पालन से जुड़े हैं ।

ऋण सीमा और कोलेटरल:

सामान्यतः 

₹1.6 लाख तक किसी सुरक्षा की आवश्यकता नहीं होती है । दूध संघों (Milk Unions) के साथ जुड़े किसानों के लिए यह सीमा ₹3 लाख तक हो सकती है ।

ब्याज दर (Interest Rate):

ऋण पर सामान्य ब्याज दर 7% होती है, लेकिन समय पर भुगतान करने वाले किसानों को 3% की अतिरिक्त ब्याज सहायता (Interest Subvention) दी जाती है, जिससे प्रभावी ब्याज केवल "4%"  रह जाता है ।

आवश्यक दस्तावेज:

आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड, फोटो और निवास प्रमाण पत्र।


💰 ऋण सीमा
₹1.6 लाख तक बिना कोलेटरल
📉 ब्याज लाभ
समय पर भुगतान पर लगभग 4% प्रभावी ब्याज
🌾 उपयोग
चारा, दाना, दवा एवं मजदूरी खर्च
🐄 लाभार्थी
पशुपालक किसान एवं दुग्ध उत्पादक
🏦 आवेदन
निकटतम बैंक शाखा के माध्यम से
📋 उद्देश्य
पशुपालन व्यवसाय के लिए आसान वित्तीय सहायता

राष्ट्रीय गोकुल मिशन क्या है?

"राष्ट्रीय गोकुल मिशन" एक ऐसी योजना है जिसका ध्येय भारत में धार्मिक रूप से पूजनीय देशी नस्ल की गाय को संरक्षण प्रदान करना और इन गायों का विकास है। 

इस मिशन के तहत देशी नस्लों के गायों के दुग्ध उत्पादन क्षमता शोध और तकनीकी के मदद से और नस्ल सुधार द्वारा बढ़ाना जिससे पशुपालक इन गायों को पालन करने के लिए प्रोत्साहित हों।

सरकार उच्च आनुवंशिक योग्यता वाले सांडों और कृत्रिम गर्भाधान (AI) तकनीकों का विस्तार के द्वारा गायों के दुग्ध और नस्ल सुधार का प्रयास कर रही है।

विस्तृत लक्ष्य और 2026 की स्थिति:

नोट:( राष्ट्रीय गोकुल मिशन पोर्टल जैसे स्रोतों में राष्ट्रीय गोकुल मिशन पर विस्तृत विवरण सीमित है, यह जानकारी सामान्य विभागीय दिशानिर्देशों पर आधारित है)

1. स्वदेशी नस्ल संरक्षण:

राष्ट्रीय गोकुल मिशन का लक्ष्य है गिर, साहिवाल और थारपारकर जैसी नस्लों की गाय की प्रजातियों को बढ़ावा देना।

2.Breed Improvement Programme:

उच्च गुणवत्ता वाले वीर्य (Semen) के माध्यम से पशुओं की नस्ल सुधारना ।

3. Artificial Insemination (AI):

ग्रामीण क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे नई तकनीकों सेवाओं का विस्तार करना ताकि हर पशुपालक को घर बैठे बेहतर प्रजनन सेवाएं मिल सकें ।


पशुपालन विभाग से लोन कैसे प्राप्त करें?

पशुपालन विभाग से लोन प्राप्त करने के लिए पशुपालक आवेदन करता को अपनी परियोजना के संदर्भ का विस्तृत रिपोर्ट तैयार करनी पड़ेगी "विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR)"।

रिपोर्ट तैयार करने के बाद आवेदक को "NLM पोर्टल" पर जा कर आवेदन करना होगा, विभाग द्वारा परियोजना की जाँच और स्वीकृति के बाद सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी सीधे बैंक खाते में भेजी जायेगी।

आवेदन के चरण:


📋 राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) 2026: आवेदन प्रक्रिया
राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अंतर्गत सब्सिडी प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें।
1

📑 परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करें

परियोजना रिपोर्ट में पशुओं की संख्या, शेड निर्माण लागत, चारा प्रबंधन, उपकरणों की आवश्यकता तथा संभावित आय का विस्तृत विवरण शामिल करें।

2

💻 ऑनलाइन पंजीकरण करें

NLM पोर्टल पर पंजीकरण करें और आधार कार्ड, बैंक खाता, परियोजना रिपोर्ट तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।

3

🏦 बैंक चयन और ऋण मूल्यांकन

आवेदन राज्य कार्यान्वयन एजेंसी (SIA) के माध्यम से आपके चयनित बैंक जैसे SBI, PNB या NABARD समर्थित बैंक को ऋण मूल्यांकन हेतु भेजा जाता है।

4

🔍 निरीक्षण और स्वीकृति

बैंक अधिकारी और संबंधित सरकारी विभाग आपकी परियोजना स्थल का भौतिक निरीक्षण एवं सत्यापन करते हैं।

5

💰 सब्सिडी और ऋण वितरण

ऋण स्वीकृत होने और पहली ऋण किस्त (कम से कम 25%) जारी होने के बाद सरकार द्वारा सब्सिडी की पहली किस्त जारी की जाती है।

महत्वपूर्ण: आवेदन करने से पहले DPR को अच्छी तरह तैयार करें और सभी दस्तावेज सही रखें। इससे ऋण स्वीकृति और सब्सिडी प्राप्त करने की प्रक्रिया तेज हो सकती है।

पशुपालन लोन हेतु आवश्यक दस्तावेज:


📋 पशुपालन लोन हेतु आवश्यक दस्तावेज
श्रेणी आवश्यक दस्तावेज
🪪 पहचान प्रमाण आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस
🏠 निवास प्रमाण बिजली बिल, टेलीफोन बिल, संपत्ति कर रसीद
🌾 भूमि संबंधी भूमि रिकॉर्ड या लीज एग्रीमेंट (यदि लागू हो)
📑 परियोजना संबंधी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR), पशुओं के शेड का विवरण
📸 अन्य दस्तावेज पासपोर्ट साइज फोटो (2 प्रतियाँ), बैंक स्टेटमेंट
महत्वपूर्ण: राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM), पशुपालन विभाग लोन, डेयरी फार्मिंग लोन या अन्य पशुपालन योजनाओं के लिए आवेदन करते समय सभी दस्तावेजों की स्व-प्रमाणित प्रतियां तैयार रखें। अधूरे दस्तावेज आवेदन प्रक्रिया में देरी का कारण बन सकते हैं।


पशुपालन लोन हेतु आवश्यक दस्तावेज 2026: आधार, पैन, DPR और बैंक रिकॉर्ड
पशुपालन लोन के लिए आवश्यक दस्तावेजों के साथ आधुनिक डेयरी फार्म में आवेदन की तैयारी करता भारतीय पशुपालक किसान।
पशुपालन लोन, डेयरी फार्मिंग लोन, राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) तथा अन्य सरकारी योजनाओं के लिए आवेदन करते समय पहचान प्रमाण, निवास प्रमाण, भूमि रिकॉर्ड, DPR, बैंक स्टेटमेंट और पासपोर्ट फोटो जैसे आवश्यक दस्तावेज तैयार रखना जरूरी है।


2026 में डेयरी फार्मिंग व्यवसाय के अवसर:

डेयरी फॉर्मिंग में निम्नलिखित अवसर उपलब्ध हैं:

डेयरी फार्मिंग बिजनेस:

2026 में ग्रामीण उद्यमिता का सबसे बड़ा स्रोत बनने की ओर अग्रसर है।

बढ़ती दूध मांग:

शहरीकरण के कारण दूध और मूल्य संवर्धित उत्पादों (पनीर, घी, मक्खन) की मांग 10-15% सालाना की दर से बढ़ रही है ।

सरकारी सहायता:

NLM और गोकुल मिशन के माध्यम से सब्सिडी और सस्ती ऋण सुविधाएं जोखिम को कम करती हैं ।

ग्रामीण रोजगार:

एक 50 पशुओं वाली डेयरी इकाई कम से कम 4-5 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करती है ।


वैल्यू एडिशन:

दूध को सीधे बेचने के बजाय उसकी प्रोसेसिंग (प्रसंस्करण) करना अधिक लाभदायक है ।


पशुपालन योजनाओं के प्रमुख लाभ:

पशुपालन योजनाओं का लाभ निम्नलिखित है:

1. 50% तक सब्सिडी:

भारत सरकार किसी भी भारतीय नागरिक के द्वारा पशुधन परियोजना शुरु करने पर परियोजना में लगने वाले खर्चों का आधा हिस्सा खुद वाहन करती है।


2. न्यूनतम ब्याज दर:

पशुधन व्यवसाय को आरंभ करने पर,पशु KCC के माध्यम से केवल 4% ब्याज पर ऋण प्राप्त हो जाता है।


3. पशु बीमा:

आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में पशु का बीमा कवर में होने वाले खर्चे का 85% प्रीमियम सरकार देती है।


4. नस्ल सुधार:

इस परियोजना के लिए सरकार द्वारा उच्च उत्पादन देने वाली स्वदेशी और विदेशी नस्लों की उपलब्धता कराई जाती है 


5. चारा सुरक्षा:

चारे की कमी दूर करने के लिए 'फीड ब्लॉक' और 'साइलेज' इकाइयों पर भारी अनुदान ।

6. बाजार संपर्क:

सरकार नए व्यवसायी को उद्यमियों को संगठित क्षेत्र (Organized Sector) से जोड़ने का काम करती है।

7. तकनीकी प्रशिक्षण:

पशुपालन विभाग द्वारा आधुनिक पालन विधियों का प्रशिक्षण दिया जाता है।

8. क्रेडिट गारंटी:

बिना कुछ गिरवी रखे बड़े लोन की सुविधा  मिल जाती है।(क्रेडिट गारंटी फंड के माध्यम से) ।


9.नियमित आय:

कृषि की तुलना में पशुपालन से पूरे वर्ष नकद आय प्राप्त होती है।


10. निर्यात की संभावनाएं:

अधिशेष उत्पादन (Excess Production) से निर्यात आय बढ़ाना ।


पशुपालन व्यवसाय शुरू करने से पहले ध्यान देने योग्य बातें:

पशुपालन व्यवसाय शुरू करने से पहले निम्नलिखित बातों पर ध्यान दें:

पशु स्वास्थ्य:

नियमित टीकाकरण और पशु चिकित्सक के संपर्क में रहना अनिवार्य है ।

चारे का प्रबंधन:

साइलेज और हरे चारे का अग्रिम भंडारण सुनिश्चित करें।

भूमि चयन:

पशुओं के लिए शेड हेतु पर्याप्त हवादार और स्वच्छ स्थान होना चाहिए [59, 67]।

बीमा अवश्य कराएं:

जोखिम कम करने के लिए पशु का टैगिंग और बीमा अनिवार्य है ।

प्रशिक्षण:

व्यवसाय शुरू करने से पहले किसी सरकारी संस्थान से व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करें ।


निष्कर्ष:

भारत सरकार के भविष्य उन्मुखी पशु आधारित व्यवसाय के लिए सरकारी योजनाएं जैसे "राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM)" , " पशु किसान क्रेडिट कार्ड" पशु आधारित उत्पाद वाले व्यवसाय में भारत को अग्रणी स्थान पर स्थापित कर सकता है।

यह योजनाएं पशुपालकों को न केवल आर्थिकी मदद प्रदान करती है बल्कि तकनीकी प्रशिक्षण इन्हें एक उद्यमी बनने का भी काम करता है, साथ ही व्यक्ति अपने प्रशिक्षण और अनुभव को अगली पीढ़ी को स्थानांतरित कर एक पारिवारिक व्यवसाय स्थापित कर सकता है।

आज किसान पशुपालन के द्वारा डेयरी और मांस, अंडे जैसे प्रोफेशनल उद्योग भारत सरकार की इन योजनाओं के लाभ लेकर खड़ा कर सकता है।

अगर आप ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं और पशुपालन का काम करते हैं तो भरता सरकार की इन योजनाओं से प्रशिक्षण और आर्थिक मदद से आप भी इन उद्योगों को प्रारंभ करने का प्रयास कर सकते हैं ।


Call-To-Action:

अपनी पशुपालन इकाई शुरू करने के लिए आज ही NLM आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण करें और अपने निकटतम पशु चिकित्सा केंद्र से संपर्क कर अधिक जानकारी प्राप्त करें!

📚 स्रोत (Sources)


FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न):

Q.1. राष्ट्रीय पशुधन मिशन 2026 क्या है?

A . यह पशुपालन में उद्यमिता और नस्ल सुधार के लिए केंद्र सरकार की एक मिशन योजना है जो 50% तक सब्सिडी देती है ।

Q.2. NLM में कितनी सब्सिडी मिलती है?

A . योजना के तहत विभिन्न गतिविधियों (बकरी, मुर्गी, सूअर पालन) पर अधिकतम ₹50 लाख तक की 50% पूंजीगत सब्सिडी मिलती है ।

Q.3. पशु किसान क्रेडिट कार्ड कैसे बनवाएं?

A. अपने आधार कार्ड, फोटो और पशुओं के विवरण के साथ किसी भी व्यावसायिक या सहकारी बैंक में आवेदन करें ।

Q.4. एक गाय पर कितना लोन मिलता है?

A . ऋण की सीमा जिला स्तरीय तकनीकी समिति (DLTC) द्वारा पशु के रखरखाव की लागत (Scale of Finance) के आधार पर तय की जाती है ।

Q.5. राष्ट्रीय गोकुल मिशन का उद्देश्य क्या है?

A . स्वदेशी नस्लों का संरक्षण, दूध उत्पादकता बढ़ाना और उन्नत कृत्रिम गर्भाधान सेवाओं का विस्तार करना।

Q.6. डेयरी फार्म के लिए कौन सा बैंक लोन देता है?

A . SBI, PNB, Bank of Baroda जैसे सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRBs) इसके लिए ऋण देते हैं ।

आप से सवाल:

क्या अपने सरकार द्वारा चलाई जाने वाली पशुपालन योजनाओं का लाभ लिया है? अपना उत्तर कमेंट करें। लेख जानकारी पूर्ण लगे तो शेयर और सब्सक्राइब करें।


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