दिव्यांग पेंशन योजना 2026: पात्रता, दस्तावेज और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया | Complete Guide

दिव्यांग पेंशन योजना 2026 – Disability Pension Guide

दिव्यांग पेंशन योजना 2026 पात्रता, जरूरी दस्तावेज और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

दिव्यांग पेंशन योजना 2026 की पात्रता, पेंशन राशि, आवश्यक दस्तावेज और ऑनलाइन आवेदन की पूरी जानकारी।


दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान करने के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाएं अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। 

शारीरिक या मानसिक दिव्यांगता और आर्थिक तंगी के कारण कई व्यक्तियों को अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। 

इसी दिशा में केंद्र और राज्य सरकारें दिव्यांग पेंशन योजनाएं संचालित करती हैं, जिससे पात्र नागरिकों को हर महीने सीधे उनके बैंक खाते में वित्तीय सहायता (Direct Benefit Transfer - DBT) दी जाती है। 

पंचायत प्रेस के इस विशेष लेख में 2026 के नवीनतम आधिकारिक नियमों, पात्रता, आवश्यक दस्तावेजों, पेंशन दर और ऑनलाइन आवेदन की पूरी प्रक्रिया को सरल और स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत किया गया है।

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दिव्यांग पेंशन योजना 2026

पात्रता, आर्थिक सहायता और ऑनलाइन आवेदन की जानकारी

📌 योजना क्या है?

दिव्यांग पेंशन योजनाओं का उद्देश्य पात्र दिव्यांग नागरिकों को आर्थिक सहायता प्रदान करना और उन्हें अधिक आत्मनिर्भर बनाने में मदद करना है। पात्रता, पेंशन राशि और आवेदन प्रक्रिया केंद्र तथा राज्य की योजनाओं के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

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केंद्र सरकार की योजना

IGNDPS, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के अंतर्गत पात्र दिव्यांग व्यक्तियों के लिए है।

आधिकारिक पोर्टल ↗
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उत्तर प्रदेश पेंशन योजना

उत्तर प्रदेश में दिव्यांग पेंशन से संबंधित पात्रता, आवेदन और भुगतान की जानकारी राज्य के आधिकारिक पोर्टल पर देखें।

UP पेंशन पोर्टल ↗

✅ केंद्र की IGNDPS की सामान्य पात्रता

  • आमतौर पर आवेदक की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
  • व्यक्ति गंभीर या बहु-दिव्यांगता की निर्धारित श्रेणी में आता हो।
  • परिवार निर्धारित गरीबी रेखा (BPL) मानदंडों के अंतर्गत हो।
  • आवेदक को संबंधित योजना के अन्य नियम भी पूरे करने होंगे।

नोट: IGNDPS की सामान्य केंद्रीय पात्रता में 80% या अधिक दिव्यांगता का मानदंड लागू हो सकता है। आवेदन से पहले वर्तमान आधिकारिक दिशा-निर्देश जाँचें।

📄 संभावित आवश्यक दस्तावेज

आधार कार्ड दिव्यांगता प्रमाणपत्र आयु प्रमाण बैंक खाता विवरण BPL/आय संबंधी प्रमाण फोटो और मोबाइल नंबर

आवश्यक दस्तावेज राज्य और योजना के अनुसार अलग हो सकते हैं।

📱 ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

  1. संबंधित केंद्र या राज्य सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर जाएँ।
  2. दिव्यांग पेंशन योजना का विकल्प चुनें।
  3. आवेदन फॉर्म में माँगी गई जानकारी भरें।
  4. आवश्यक दस्तावेज अपलोड करके आवेदन जमा करें।
  5. आवेदन संख्या सुरक्षित रखें और स्थिति की जाँच करते रहें।
IGNDPS की पात्रता देखें ↗
⚠️ महत्वपूर्ण सूचना: सभी राज्यों में पेंशन राशि, आयु, दिव्यांगता प्रतिशत और आवेदन प्रक्रिया समान नहीं हैं। UMANG ऐप पर सेवा उपलब्ध होने की पुष्टि करें और केवल आधिकारिक पोर्टल से आवेदन करें। किसी भी एजेंट को बिना सत्यापन के पैसे न दें।


योजना का परिचय: GNDPS और राज्य पेंशन योजनाओं में अंतर:

भारत में दिव्यांगजनों के लिए पेंशन व्यवस्था मुख्यतः दो स्तरों पर संचालित होती है:

1. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना (IGNDPS):

यह केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के अंतर्गत फरवरी 2009 में शुरू की गई एक प्रमुख राष्ट्रीय योजना है। 

यह योजना पूरे भारत में गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवन यापन करने वाले 80% या उससे अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों के लिए लागू है।

2. राज्य स्तरीय दिव्यांग पेंशन योजनाएं (जैसे उत्तर प्रदेश दिव्यांग पेंशन योजना):

विभिन्न राज्य सरकारें अपने राज्य के समाज कल्याण विभाग के माध्यम से राज्य स्तरीय दिव्यांग पेंशन योजनाएं चलाती हैं (उदा. उत्तर प्रदेश में समाज कल्याण विभाग का आधिकारिक पोर्टल `https://sspy-up.gov.in/`)।


 मुख्य अंतर:

मुख्य अंतर निम्नलिखित हैं:

दिव्यांगता का प्रतिशत:

केंद्र सरकार की IGNDPS में 80% या उससे अधिक दिव्यांगता तथा BPL कार्ड अनिवार्य है। 

जबकि कई राज्य सरकारें अपने राज्य बजट प्रावधानों के अनुसार 40% या उससे अधिक दिव्यांगता वाले नागरिकों को भी राज्य पेंशन का लाभ देती हैं।

पेंशन राशि व नियम:

केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित अंशदान के अतिरिक्त राज्य सरकारें अपनी ओर से अतिरिक्त बजट (Top-up Amount) जोड़ती हैं, जिससे अलग-अलग राज्यों में कुल पेंशन राशि और नियम भिन्न हो सकते हैं।


पात्रता एवं शर्तें (Eligibility Criteria & Conditions):

केन्द्रीय इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना (IGNDPS) के अंतर्गत निम्नलिखित आधिकारिक पात्रता शर्तें निर्धारित हैं:

आयु सीमा:

आवेदक की न्यूनतम आयु **18 वर्ष** या उससे अधिक होनी चाहिए।

दिव्यांगता का प्रतिशत:

आवेदक शारीरिक या मानसिक रूप से न्यूनतम **80% या उससे अधिक दिव्यांग** होना चाहिए। 

इस योजना के अंतर्गत बौनापन (Dwarfism) से पीड़ित व्यक्ति भी पात्र माने गए है।

आर्थिक स्थिति:

आवेदक का परिवार गरीबी रेखा से नीचे (Below Poverty Line - BPL) श्रेणी से संबंधित होना चाहिए ।

निवास:

आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए।

अन्य पेंशन प्रतिबंध:

आवेदक को केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य समान पेंशन योजना का दोहरा लाभ प्राप्त नहीं होना चाहिए।

नोट: राज्य स्तरीय योजनाओं में पात्रता (जैसे आय सीमा या 40% दिव्यांगता नियम) संबंधित राज्य के समाज कल्याण विभाग के दिशानिर्देशों पर निर्भर करती है।

पेंशन राशि (Pension Amount)

पेंशन राशि निम्नलिखित है:

1. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना (IGNDPS - केन्द्रीय सहायता अंश):

आधिकारिक गाइडलाइंस के अनुसार IGNDPS के तहत केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत मासिक पेंशन दरें निम्नलिखित हैं:

18 से 79 वर्ष आयु वर्ग के दिव्यांगजन:

₹300/- प्रति माह** (केन्द्रीय अंशदान) [1]।

80 वर्ष या उससे अधिक आयु के दिव्यांगजन:

₹500/- प्रति माह** (केन्द्रीय अंशदान)।

 2. राज्य सरकारों का अंशदान व उत्तर प्रदेश की स्थिति:

राज्य सरकारें अपने राज्य के लाभार्थियों को राहत देने के लिए केंद्रीय अंशदान में अतिरिक्त राज्य बजट जोड़ती हैं। 

उत्तर प्रदेश में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित आधिकारिक पोर्टल `https://sspy-up.gov.in/` पर ऑनलाइन आवेदन प्राप्त किए जाते हैं। 

आवेदक अपने राज्य के आधिकारिक पेंशन पोर्टल पर जाकर राज्य द्वारा दी जा रही कुल मासिक पेंशन राशि की पुष्टि कर सकते हैं।


आवश्यक दस्तावेज (Required Documents):

आवेदन पत्र भरते समय अनिवार्य और सहायक दस्तावेजों की सूची निम्नलिखित है:

अनिवार्य दस्तावेज (Mandatory Documents):

अनिवार्य दस्तावेज निम्नलिखित है:

1. दिव्यांगता प्रमाणपत्र (Disability Certificate):

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) द्वारा जारी 80% या अधिक दिव्यांगता दर्शाने वाला अधिकृत प्रमाणपत्र [7]।

2.BPL कार्ड:

गरीबी रेखा से नीचे होने का प्रमाण [7]।

3. आधार कार्ड (Aadhaar Card):

पहचान और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) सत्यापन हेतु।

4. आयु प्रमाण पत्र (Age Proof):

जन्म प्रमाणपत्र, स्कूल प्रमाणपत्र, राशन कार्ड, EPIC (मतदाता पहचान पत्र), या सरकारी अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर द्वारा जारी आयु प्रमाण पत्र [7]।

5.पासपोर्ट आकार की नवीनतम फोटो:

आवेदक की हालिया पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो ।


: दिव्यांग पेंशन योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज 2026

दिव्यांग पेंशन आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेजों की सूची—दिव्यांगता प्रमाणपत्र, BPL कार्ड, आधार कार्ड, आयु प्रमाण, फोटो, UDID कार्ड, बैंक पासबुक और आय-निवास प्रमाणपत्र।
दिव्यांग पेंशन योजना के आवेदन हेतु अनिवार्य और वैकल्पिक दस्तावेजों की पूरी जानकारी।


वैकल्पिक व राज्य-स्तरीय दस्तावेज:

वैकल्पिक व राज्य-स्तरीय दस्तावेज निम्नलिखित है:

6.UDID कार्ड (Unique Disability ID Card): 

भारत सरकार का विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र।

7. बैंक पासबुक (Bank Passbook):

बैंक खाता विवरण और IFSC कोड (खाता आधार से लिंक होना अनिवार्य है) [5]।

8. निवास प्रमाण पत्र व आय प्रमाण पत्र:

राज्य पोर्टल पर ऑनलाइन सत्यापन हेतु।


8. ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया (Step-by-Step Online Application)

Online आवेदन प्रक्रिया निम्नलिखित है:

1. केंद्रीय पोर्टल (UMANG App / myScheme) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन:

आवेदन प्रक्रिया निम्नलिखित है:

चरण 1: अपने मोबाइल में UMANG App इंस्टॉल करें या आधिकारिक वेबसाइट `https://web.umang.gov.in/web_new/home` पर जाएं।

चरण 2: अपने मोबाइल नंबर और OTP की सहायता से लॉगिन/रजिस्टर करें [4]।

चरण 3:सर्च बार में 'NSAP' (National Social Assistance Program) टाइप करें और 'Apply Online' पर क्लिक करें ।

चरण 4: अपनी व्यक्तिगत जानकारी, पेंशन प्राप्त करने का माध्यम (बैंक खाता/डाकघर खाता) चुनें।

चरण 5: पासपोर्ट फोटो और आवश्यक दस्तावेज (BPL कार्ड, दिव्यांगता प्रमाण पत्र आदि) अपलोड कर 'Submit' पर क्लिक करें।

चरण 6: प्राप्त आवेदन संख्या (Application Number) को भविष्य के संदर्भ के लिए सुरक्षित रख लें।

2. उत्तर प्रदेश राज्य पोर्टल ([suspicious link removed]) पर आवेदन प्रक्रिया:

आवेदन प्रक्रिया निम्नलिखित है:

चरण 1: उत्तर प्रदेश समाज कल्याण विभाग के आधिकारिक पोर्टल `https://sspy-up.gov.in/` पर जाएं।

चरण 2: होमपेज पर "दिव्यांग एवं कुष्ठावस्था पेंशन" (Disability Pension) के विकल्प पर क्लिक करें।

चरण 3:"ऑनलाइन आवेदन करें"** (Apply Online) लिंक पर क्लिक करें।

चरण 4: आवेदन पत्र में व्यक्तिगत विवरण, आय विवरण, बैंक खाता संख्या और दिव्यांगता विवरण सही-सही भरें।

चरण 5: दिव्यांगता प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, फोटो और बैंक पासबुक की प्रति अपलोड करें।

चरण 6: कैप्चा कोड दर्ज कर फॉर्म सबमिट करें और प्रिंटआउट संभाल कर रखें।


9. आवेदन की स्थिति और शिकायत निवारण (Application Status & Grievance)

आवेदन की स्थिति और शिकायत निवारण की प्रक्रिया निम्नलिखित हैं:

आवेदन की स्थिति (Application Status) कैसे जांचें?

आवेदन की स्थिति निम्नलिखित तरीकों से चेक किया जा सकता है:

केन्द्रीय आवेदन:

आवेदक NSAP पोर्टल के ट्रैकिंग लिंक `https://nsap.nic.in/applicationTrack1.do?methodName=showStatus` या UMANG App पर अपनी आवेदन संख्या दर्ज करके स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं।

उत्तर प्रदेश (UP) आवेदन:

SSPY UP पोर्टल पर 'आवेदन की स्थिति देखें' लिंक पर क्लिक करके रजिस्ट्रेशन नंबर व मोबाइल OTP के माध्यम से लॉगिन करके स्थिति देख सकते हैं।

भुगतान न मिलने या देरी पर शिकायत कैसे दर्ज करें?

भुगतान न मिलने या देरी पर शिकायत निम्नलिखित तरीकों से किया जा सकता है:

1.बैंक खाता व आधार लिंक (NPCI Seeding):

सबसे पहले जांचें कि आपका बैंक खाता आधार से लिंक और DBT इनेबल्ड है या नहीं।

2.भौतिक सत्यापन:

अपने नजदीकी ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) कार्यालय या जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय जाकर दस्तावेजों का सत्यापन कराएं [5]।

3.हेल्पलाइन व जनसुनवाई:

उत्तर प्रदेश में पेंशन संबंधी समस्या हेतु मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 या जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।


Data & Statistics Snippet (2026 के सत्यापित आंकड़े):


📊 आधिकारिक आंकड़े: इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना

IGNDPS – Indira Gandhi National Disability Pension Scheme | 2026 संदर्भ

मापदंड / विषय प्रावधान / आंकड़ा
🏛️ नोडल मंत्रालय ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार (Ministry of Rural Development)
♿ दिव्यांगता मानदंड 80% या उससे अधिक दिव्यांगता का मानदंड
💳 आर्थिक पात्रता निर्धारित गरीबी रेखा से नीचे (BPL) परिवार
💰 केंद्रीय पेंशन (18–79 वर्ष) ₹300 प्रति माह
केंद्र सरकार का अंश
👴 केंद्रीय पेंशन (80 वर्ष या अधिक) ₹500 प्रति माह
केंद्र सरकार का अंश
📅 आधिकारिक संदर्भ NSAP और MyScheme पोर्टल
⚠️ महत्वपूर्ण नोट: ऊपर दी गई पेंशन राशि केंद्र सरकार का अंश है, कुल राज्य-स्तरीय पेंशन राशि नहीं। राज्य सरकार अतिरिक्त सहायता दे सकती है। आवेदन से पहले 2026 के लागू नियम, पात्रता और राशि की आधिकारिक पोर्टल से पुष्टि करें।


Visual Graph Snippet :

Blogger या WordPress वेबसाइट पर इस्तेमाल करने के लिए यह HTML/CSS आधारित responsive ग्राफ स्निपेट नीचे प्रस्तुत है:


IGNDPS Pension 2026 – आयु वर्ग के अनुसार केंद्रीय पेंशन सहायता

IGNDPS योजना 2026 में आयु वर्ग के अनुसार केंद्रीय मासिक पेंशन सहायता की तुलना—18 से 79 वर्ष के 80% या अधिक दिव्यांग व्यक्तियों के लिए ₹300 और 80 वर्ष या अधिक आयु वर्ग के लिए ₹500 प्रति माह। Caption: IGNDPS (इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यां
IGNDPS (इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांगता पेंशन योजना) के तहत NSAP 2026 में आयु वर्ग के अनुसार केंद्रीय सहायता राशि की तुलना।

आयु वर्ग एवं केन्द्रीय सहायता तुलना (IGNDPS)

केन्द्र सरकार द्वारा स्वीकृत मासिक पेंशन अंशदान (NSAP 2026)

18 से 79 वर्ष आयु वर्ग (80%+ दिव्यांगता) ₹300 / माह
₹300
80 वर्ष एवं अधिक आयु वर्ग ₹500 / माह
₹500
📌 स्रोत: ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार (2026) [1, 3] योजना: IGNDPS (NSAP)


योजना के लाभ और सावधानियां (Benefits & Precautions):

योजना के लाभ और सावधानियां निम्नलिखित हैं:

योजना के मुख्य लाभ:

योजना का मुख्य लाभ निम्नलिखित हैं:

डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT): 

पेंशन की राशि बिना किसी बिचौलिये के सीधे आवेदक के बैंक या पोस्ट ऑफिस खाते में हस्तांतरित होती है।

वित्तीय आत्मनिर्भरता:

दिव्यांगजनों को दैनिक खर्चों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।

पारदर्शी व्यवस्था:

डिजिटल पोर्टल के जरिए आवेदन की स्थिति और भुगतान का ऑनलाइन सत्यापन संभव है।

आवेदन के दौरान सावधानियां:

आवेदन के दौरान निम्नलिखित सावधानी रखनी चाहिए:

1.फर्जी वेबसाइटों से बचें:

केवल आधिकारिक सरकारी वेबसाइटों (जैसे `https://sspy-up.gov.in/`)  का उपयोग करें । 

किसी भी अनधिकृत निजी पोर्टल पर अपने दस्तावेज अपलोड न करें।

2.बिचौलियों से सावधान रहें:

यह योजना पूरी तरह से नि:शुल्क है। किसी भी व्यक्ति को आवेदन कराने के नाम पर पैसे न दें।

3.सही दस्तावेज अपलोड करें:

अस्पष्ट फोटो या गलत प्रमाण पत्र अपलोड करने से आवेदन निरस्त हो सकता है।

4. बैंक खाता सत्यापन:

सुनिश्चित करें कि बैंक खाते में नाम, आधार और पासबुक के विवरण में कोई भिन्नता न हो।


निष्कर्ष :

दिव्यांग पेंशन योजना 2026 देश के पात्र दिव्यांगजनों के लिए एक सशक्त और सम्मानजनक जीवन जीने का आधार है। 

यदि आप या आपके आसपास कोई पात्र नागरिक 80% या उससे अधिक दिव्यांगता और BPL श्रेणी से संबंधित है, तो वे आवश्यक दस्तावेज (जैसे CMO प्रमाण पत्र, BPL कार्ड, आधार) तैयार रखकर आधिकारिक पोर्टल UMANG या उत्तर प्रदेश के `[suspicious link removed]` पर आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। 

सरकारी योजनाओं का सही लाभ समय पर प्राप्त करने के लिए केवल आधिकारिक पोर्टल और सत्यापित जानकारियों पर ही भरोसा करें।

📚 स्रोत (Sources)


FAQs:(अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न): 

Q1: दिव्यांग पेंशन योजना 2026 क्या है?

उत्तर: यह केंद्र (IGNDPS) और राज्य सरकारों द्वारा संचालित एक सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसके तहत पात्र दिव्यांगजनों को जीवन यापन हेतु मासिक पेंशन प्रदान की जाती है।

Q2: कितने प्रतिशत दिव्यांगता पर पेंशन मिलती है?

उत्तर: केंद्र सरकार की IGNDPS योजना के अंतर्गत न्यूनतम 80% या उससे अधिक दिव्यांगता अनिवार्य है। हालांकि, कई राज्य सरकारों की योजनाओं में 40% या उससे अधिक दिव्यांगता वाले नागरिक भी राज्य स्तर पर पात्र होते हैं।

Q3: उत्तर प्रदेश में कितनी पेंशन मिलती है?

उत्तर: उत्तर प्रदेश में राज्य सरकार अपने बजट से अतिरिक्त अंशदान जोड़कर समाज कल्याण विभाग के माध्यम से पेंशन देती है। आवेदक राज्य पोर्टल पर नवीनतम स्वीकृत कुल पेंशन राशि की जांच कर सकते हैं।

Q4: आवेदन के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?

उत्तर: अनिवार्य दस्तावेजों में BPL कार्ड, आधार कार्ड, CMO/CHC द्वारा जारी 80%+ दिव्यांगता प्रमाणपत्र, आयु प्रमाण (जन्म प्रमाणपत्र/स्कूल प्रमाणपत्र/EPIC), बैंक पासबुक और पासपोर्ट आकार फोटो शामिल हैं।

Q5: ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

उत्तर:आवेदक UMANG App/वेबसाइट  के माध्यम से केंद्रीय योजना के 'दिव्यांग पेंशन' सेक्शन में ऑनलाइन फॉर्म भरकर आवेदन कर सकते हैं।

Q6: UDID कार्ड अनिवार्य है या नहीं?

उत्तर: UDID (Unique Disability ID) कार्ड केंद्र सरकार द्वारा दिव्यांगजनों की पहचान के लिए प्राथमिकता से उपयोग किया जा रहा है। दिव्यांगता प्रमाणपत्र के साथ UDID होने से सत्यापन प्रक्रिया में आसानी होती है।


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